By Dr. Prabhavati Devi Dubey :
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Saturday, August 28, 2010
१. सेती के साग मौसिया के सराध
विस्तार - मुफ्त में सब्जी मिली तो मौसी का भी श्राद्ध कर दिया( जिसका श्राद्ध करना हालाँकि आपकी जिम्मेदारी नहीं थी), अर्थात मुफ्त में मिली चीज से वाहवाही लूटने के लिए वो सारे व्यव्हार भी चलने लगा जो की जरूरी नहीं है.
इस मुहावरे का उपयोग उन लोगो के लिए किया जाता है जिन्हें कोई अपना समझ कर कोई सुविधा या चीज देता है और वो उसी चीज को अपने नाम से और लोगो को देने लग जाता है
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