उडल पिसान पितरं के नेति .....
विस्तार - जो आटा किसी कारणवश गिर गया या उड़ गया, उसको पितरों को समर्पित कर दिया.
पूर्वजों को लोग अपनी खुशी से अच्छा - अच्छा बना कर खिलाते है लेकिन लोग बेकार हुई चीजो को ही पितरो को समर्पित कर देते है.
अर्थात अगर कोई चीज बेकार चली गयी तो लोग मन के संतोष के लिए किसी नेक काम का सहारा ले लेते है
ये कुछ उसी प्रकार की बात है की जब मंदिर में हमारा चढ़ाया नारियल ख़राब निकल जाता है तो हम कहते है की इसे भगवान ने स्वीकार कर लिया है